कभी किसी को मुकामल जहां नहीं मिलता...गजल-
जिला-महाराजगंज,राज्य-उत्तर प्रदेश से भीम प्रशाद गजल सुना रहे है:
कभी किसी को मुकामल जहां नहीं मिलता-
कही जमीन तो कही आसमान नहीं मिलता
कभी किसी को मुकामल जहां नहीं मिलाता
जिसने भी देखिये सब अपने आप में गुम है
कभी किसी को मुकामल जहां नहीं मिलता
कही जमीन तो कही आसमान नहीं मिलता...(182764)RM
