जागत प्रेम न संग चराय रहे सोगत जान मसान...दोहा-
जिला-राजनांदगांव,राज्य-छत्तीसगढ़ से विरेन्द्र गन्दर्व दोहा सुना रहे है:
जागत प्रेम न संग चराय रहे सोगत जान मसान
जैसे का लोहार की साँस बिन प्राण
जिसकी हृदय में प्रेम नही वो प्रेम करने नही जानता हैं
वो जीते जी मुर्दे के सामान हैं जी रहा हैं सांस ले रहा हैं
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