जैसे करबे तइसे फल पाबे रे...भजन-
ग्राम-फरसवानी, जिला-कोरबा (छत्तीसगढ़) से संजीव कुमार केवट एक गीत सुना रहे हैं:
जैसे करबे तइसे फल ला पाबे रे-
ये भुइंया के माटी मा मिल जाबे-
तोर करनी करम हा आंखी मा झुलही-
तोर पाप के गठरी हा संदूक खुलही रे-
जिव छूट जाही दूसर मा जा सामाही-
ठाठ रही जाही जेला खनके गड जाही-
जैसे करबे तइसे फल पाबे रे...(AR)
