अरपा पैरी के धार, महानदी हे अपार...छत्तीसगढ़ी गीत-
मानसराम यादव, जिला-जांजगीर छत्तीसगढ़ से एक छत्तीसगढ़ी गीत सुना रहें है:
अरपा पैरी के धार, महानदी हे अपार-
इँदिरावती हा पखारय तोर पईयां-
महूं विनती करव तोर भुँइया-
जय हो जय हो छत्तीसगढ़ मईया-
सोहय बिंदिया सहीं, घाट डोंगरी पहार-
चंदा सुरूज बनय तोर नैना-
महूं विनती करव तोर भुँइया-
जय हो जय हो छत्तीसगढ़ मईया...(181797) GT
