स्वागतम के घड़ी आई पलको को बिछाना है...स्वागत गीत-
बीकानेर राजस्थान से नारायण एक स्वागत सुना रहें है:
स्वागतम के घड़ी आई पलको को बिछाना है-
कण-कण में विराजे है सासों में बसे हो तुम-
मन्दिर है मन गुरु का मन्दिर है मन गुरु का-
मन में ठिकाना है स्वागतम के घड़ी आई-
कण-कण में विराजे है सासों में बसे हो तुम...(181784) GT
