वह रे मूर्खे मानव तय काबर दगा मा डाले...छत्तीसगढ़ी भजन-
जलेश कुमार मरकाम ग्राम-कर्मा, तहसील-पंडरिया, जिला-कबीरधाम (छत्तीसगढ़) से छत्तीसगढ़ी भजन सुना रहें है:
वह रे मूर्खे मानव तय काबर दगा मा डाले-
तोर भजन ला करहु छुप के गा जियत लबारी मारे-
राम भजन है सार जगत मा मुक्ति बना लो गा-
ये नार्त तन नई मिले दुबारा हरी गुण गालो गा-
का लेके आये जगत मा का लेके जाबे गा-
वह रे मूर्खे मानव तय काबर दगा मा डाले...(181733) GT
