वह रे मुर्ख मानव तय कबर दगा मा डारे रे...छत्तीसगढ़ी भजन-
ग्राम-करमा, तहसील-पंडरिया, जिला-कबीरधाम, राज्य-छत्तीसगढ़ से जलेश कुमार मरकाम जी “छत्तीसगढ़ी भजन” सुना रहे है:
वह रे मुर्ख मानव तय-
कबर दगा मा डारे रे-
तोर भजन ला करहूँ कहके गा-
जियत ला भारे मारे-
राम भजन में सार जगत मा मुक्ति बनालोगा...
