चाह नही मैं सिरवा लाके गहनों में गुथा जाऊ कविता ...
ग्राम रक्षा जिला अनुपूर राज्य मध्यप्रदेश से दिव्या कविता सुना रहीं हैं – चाह नही मैं सिरवा लाके
गहनों में गुथा जाऊ
चाह नही मैं प्रेमी माला के
बिन प्यारी को ललचाऊ
चाह नही समराटो के साथ
चाह नही मैं सिरवा लाके
गहनों में गुथा जाऊ
