काबर कैसे भुलाएँ सच्चें ज्ञान ला...भजन गीत
ग्राम-अमनदुला, जिला-जांजगीर चापा छत्तीसगढ़ से चन्द्रकांत लहरे एक भजन गीत सुना रहें है:
काबर कैसे भुलाएँ सच्चें ज्ञान ला-
काबर कैसे भुलाएँ हरी नाम ला-
भजन काहियों कह के संगी तय
तो ठगे भगवान ला-
काबर कैसे भुलाएँ हरी नाम ला-
काबर कैसे भुलाएँ सच्चें ज्ञान ला...(181141) GT
