अरपा पैरी के धार, महानदी हे अपार...छत्तीसगढ़ी गीत
जिला-जांजगीर चापा (छत्तीसगढ़) से प्राची एक छत्तीसगढ़ी गीत सुना रही है:
अरपा पैरी के धार, महानदी हे अपार-
इँदिरावती हा पखारय तोर पईयां-
महूं विनती करव तोर भुँइया-
जय हो जय हो छत्तीसगढ़ मईया-
सोहय बिंदिया सहीं, घाट डोंगरी पहार-
चंदा सुरूज बनय तोर नैना-
महूं विनती करव तोर भुँइया...(180530) GT
