कोइली कस लागे तोर बोली मोर मन ला...छत्तीसगढ़ी गीत-
जिला-जांजगीरचांपा (छत्तीसगढ़) से राम प्रसाद एक छत्तीसगढ़ी गीत सुना रहें हैं-
कोइली कस लागे तोर बोली मोर मन ला-
रिझाई डारे ओ मोर मन ला रिझाई डारे ना-
घर ले निकल थस ता मोर मन कुलचथे-
पाछू पाछू जाये के मोर मन होथे-
घर ले निकल थस ता मोर मन कुलचथे – पाछू पाछू जाये के मोर मन होथे-
कोइली कस लागे तोर बोली मोर मन ला-
रिझाई डारे ओ मोर मन ला रिझाई डारे ना...
