एक दिन हो जाबे माटी के सामान...गीत-
ग्राम-अमनदुला, जांजगीर चांपा (छत्तीसगढ़) से चंद्रकांत लहरे एक गीत सुना रहे हैं:
का करबे काया के गुमान-
एक दिन हो जाबे माटी के सामान-
काया हर माटी माटी मा मिल जाही न-
मक्के ओढ़ना तोरे मटी के बिछौना-
माटी के सिरहाना-
संगी माटी के सिरहाना... (AR)
