कैसे के होई मोर बेड़ा पार...गीत-
जिला-बलरामपुर (छत्तीसगढ़) से संध्या खलखो एक गीत सुना रही हैं:
जीवन रूपी डोंगा मोर हिलो डोलो-
कैसे के होई मोर बेड़ा पार-
हे प्रभु तोहे मोर जीवन डाहर-
हे प्रभु तोहे मोर खेवईया-
जीवन रूपी डोंगा मोर हिलो डोलो-
कैसे के होई मोर बेड़ा पार... (AR)
