सज्जनता...कहानी-
एक बार गुरु और शिष्य एक गांव में गये तो गाँव के लोगो ने उनका स्वागत किया भोजन कराया| तब गुरु ने उन्हें कहा तुम बिखर जाओ अलग अलग गाँव में चले जाओ, इस बात पर शिष्य क्रोधित हुआ लेकिन कुछ नहीं बोले और गुरु के साथ चले गये, आगे चलकर दूसरा गाँव मिला, जहाँ पर उनके साथ अच्छा बर्ताव नहीं किया गया| तब गुरु के कहा तुम इसी गाँव में पड़े रहो कभी नहीं बिछड़ो| ये सब देखकर शिष्य बोला गुरु जी आप ऐसा क्यों कह रहे हैं| गुरु ने उत्तर दिया सज्जन लोग बाहर निकलेंगे तो सज्जनता फैलायेंगे इसलिये उनका निकलना जरुरी है| दुष्ट निकलेगे तो दुष्टता फैलायेंगे इसलिये उन्हें नहीं निकलना चाहिये जिससे ये सीमित रहें| (AR)
