मनुष जनम अनमोल रे, मिट्टी में ना रोल रे...भजन-
सीजीनेट श्रोता मंदिरा साहू एक भजन सुना रही हैं:
मनुष जनम अनमोल रे, मिट्टी में ना रोल रे-
अब जो मिला है फिर ना मिलेगा-
कभी नहीं रे, कभी नहीं रे, कभी नहीं रे-
तू है बुदबुद पानी का-
मत कर जोर जवानी का-
समझ संभल कर चलना बन्दे, पता नही जिंदगानी का... (AR)
