गुरु गोविंद दोऊ खड़े, काके लागू पाय...दोहे गीत-
गाजियाबाद गजरौला जिला-अमरोहा (उत्तरप्रदेश) से मंजूलता उर्फ़ राधा साहू कबीर जी के दुहे सुना रहीं हैं :
गुरु गोविंद दोऊ खड़े, काके लागू पाय-
बलिहारी गुरु आपनो, जिन गोविंद दियो बताय-
बुरा जो देखन मैं चला, बुरा न मिलिया कोय-
जो दिल खोजा आपना, मुझसे बुरा न कोय-
मांस मांस सब एक हैं, क्या बकरी, क्या गाय-
देखो संत विचार के, सब में राम समाय...RK
