काबर समाय रे मोर बैरी बेनामा...छत्तीसगढ़ी गीत-
सीजीनेट श्रोता निषा एक छत्तीसगढ़ी गीत सुना रही हैं:
काबर समाय रे मोर बैरी बेनामा-
डोलत रईथे तोरे चेहरा-
यही ह्रदय के नाव मा-
काबर समाय रे मोर बैरी बेनामा-
अपने अपन मोला हसी आथे-
सुरता मा तोर रोवासी आथे-
का जादू डारे ए टोनहा तै... (AR)
