माँ दुर्गे महतारी मोर माँ...भजन गीत-
जिला-राजनांदगांव छत्तीसगढ़ से डोमेश्वरी यादव एक भजन सुना रहीं है:
माँ दुर्गे महतारी मोर माँ-
कुआं के पानी ला मछरी जुठारे-
कहा से निर्मल पानी लाऊ माँ-
कहा से निर्म चढ़ हाऊ माँ-
माँ दुर्गे महतारी मोर माँ-
बगियाँ के फूल ला तितली जुठारे-
कहा से निर्मल फूल लाऊ माँ-
कहा से निर्म चढ़ हाऊ माँ-
माँ दुर्गे महतारी मोर माँ-
गइया दूध ला बछरू जुठारे-
कहा से निर्मल दूध लाऊ माँ-
कहा से निर्म चढ़ हाऊ माँ-
माँ दुर्गे महतारी मोर माँ...
