लहर लहर लहरावे ध्वजा सतरंगी भईया...गीत-
ग्राम-कोटेरी दादर, जिला-डिंडौरी (मध्यप्रदेश) से संतकुमार धुर्वे एक कविता सुना रहे हैं:
लहर लहर लहरावे ध्वजा सतरंगी भईया-
उदय भूमि मा-
रमतिला दादा रे सीना न नये-
रसुनसाय दादा होमें सुरे सा नारे भईया-
गोकुल सरे दादा होवे तोरे-
बन मोरे भईया गोकुल सरे दादा-
लहर लहर लहरावे ध्वजा सतरंगी भईया...
