सुमिरन करते मेरे मना कला कोहरा है घना...कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं:
सुमिरन करते मेरे मना कला कोहरा है घना-
यहा सारे सना सना-
नहीं तुम्हारे कोई अच्छा गहना-
सभी काज रंति कहते अपना-
दिखाते हैं बस एक सुंदर सपना-
जो भी खरीदते हो क्या अनमोल है...
