तै हाँ जिंदगी के हर स्वाद चखे हस...कविता-
तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से राजेंद्र गुप्ता एक कविता सुना रहे हैं:
तै हाँ जिंदगी के हर स्वाद चखे हस-
मीठा और कड़वा के स्वाद बने हस-
दीन दुखिया के आस बने हस-
अरे रसना तै तो कमाल करे हस-
एतक जबर जिंदगी के खास बने हस-
तै देह के कर्णधार बने हस-
तोर बर मिर्ची पताल बने हे, गुड और मीठा फरहार बने है...
