रंग चुराया देहू से हमने गंध चुराया फूलो से...कविता-

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं:
रंग चुराया देहू से हमने गंध चुराया फूलो से-
दिल चुराया नादानों से हमने-
दिल लगाया हर सुंदर से-
फिर भी मन साफ़ न रहा-
मन एक दुष्ट बंदर इधर उधर उछल कूद करता रहा-
फिर भी कहलाता शिकंदर...

Posted on: Mar 09, 2020. Tags: CG KANHAIYALAL KEWAT POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER