पिंजरे के तोते से बोली, छत पर बैठी मैना...कविता-

ग्राम-चांदागाव, तहसील-नारायणपुर (छत्तीसगढ़) से राकेश एक कविता सुना रहे हैं:
पिंजरे के तोते से बोली, छत पर बैठी मैना-
बड़े मजे से तुम रहते हो, बोलों सच है ना-
बैठे-बैठे मिल जाता है, भाती भाती के व्यंजन-
कास मुझे भी मिल पाता ये पिंजरे का जीवन-
जल और भोजन की तलास डो चार पल्ले पड़ते तो-
उस पर हरदम चिड़िया का डर रहता – वन में तोता बोला अगर सुख है पिंजरे में...

Posted on: Feb 05, 2020. Tags: CG NAGMANI NARAYANPUR POEM SONG VICTIMS REGISTER