बहरिन होई काहीं नी जिया जगाये...गीत-
रीवा (मध्यप्रदेश) से पंचवटी पटेल एक गीत सुना रहे हैं :
बहरिन होई काहीं नी जिया जगाये-
ना हीं जगाने जगाये, ना हीं जगाने जगाये-
जगाये जगाने हो ये बे ये ही ठेसे निक-
ले हैं रामा दरस ना हीं, को या नी दरस-
ना हीं को या नी दरस,ना हीं को या नी हो-
मात-पिता को ना हीं, से अऊ गुरु का ना हीं-
जलाये हो यो बे, ना ही दीहा ब्राह्मण को दाने दरस-
ना हीं को यो ये हो...
