हाथी आया झूम के धरती माँ को चूम के...कविता-
ग्राम-नागलगुड़ा, पंचायत-पेंटा, ब्लाक-कोंटा, जिला-सुकमा (छत्तीसगढ़) से गुंजा ज्योति गुंजाम जोगी, देवी मरकाम एक कविता सुना रहे हैं :
हाथी आया झूम के धरती माँ को चूम के-
टांगे उसके मोटी है, आँखे उसके छोटी है-
गन्ने, पत्ती खाता है लम्बे सूड़ हिलाती है-
सूफा जैसे उसके कान देखो देखो उसकी शान...
