मोर माटी के मितान, सुन मजदुर किसान...गीत-
जिला-कबीरधाम (छत्तीसगढ़) से नरेश बुनकर एक छत्तीसगढ़ी गीत सुना रहे हैं:
मोर माटी के मितान, सुन मजदुर किसान-
जुल्म अत्यचारी ला मिटाय बर चलो-
संघर्ष और निर्माण, संघर्ष और निर्माण-
भाई रखवाला किसान भोला भाला-
मेहनत कस मजदूर दुनिया बनाने वाला-
हमर गा कमाई मा दुनिया हा जियत हे-
कोन बैरी पापी हमर लहू ला पियत हे-
भाई नौ जवान चलो सीना तान-
मजदूर और किसान उठाओ गा जवान-
जुल्म अत्याचारी ला मिटाय बर करो-
संघर्ष और निर्माण, संघर्ष और निर्माण-
भाई मन फेका बांधो, बहनी मन कछोरा भीडो-
जुल्म अत्याचारी ला मिटाय बर आघू बढ़हो-
भाई नौ जवान चलो सीना तान-
मजदूर और किसान उठाओ गा जवान-
संघर्ष और निर्माण, संघर्ष और निर्माण...
