डारा लोर गेहे, डारा लोर गेहे...कर्मा गीत-
जिला-कबीरधाम (छत्तीसगढ़) से नरेश बुनकर एक कर्मा गीत सुना रहे हैं :
डारा लोर गेहे, डारा लोर गेहे-
बैठे हे चिरैया, डारा लोर गेहे-
डारा लोर गेहे, डारा लोर गेहे-
साजा होतिस काट लेतेव-
सराई कैसे काटो हाय हाय-
कागज होतिस बाँट लेतेव-
करम कैसे बांटो, ढारा लोर गेहें-
गलीच गलीच जात रहेव, काबर मारें गोटी-
डारा लोर गेहे, डारा लोर गेहे...
