ये खोली ला बान मारे...गीत-
ग्राम-पोलमी, तहसील-पंडरिया, जिला-कबीरधाम (छत्तीसगढ़) से चतुरराम साहू अपने साथी के साथ एक गीत सुना रहे हैं :
ये खोली ला बान मारे-
बोली के रस दब सजगा-
ये खोली के हवय उट पुट रसदा-
ये खोली ला बान मारे-
ये खोली ला समुज बुताय ले-
सिरा की कुदाईया रुपनी लगईय...
