लहरों से डरकर नौका पार नहीं होती...कविता-
ग्राम-पोलमी, जनपद-पंडरिया, जिला-कबीरधाम (छत्तीसगढ़) से चतुरराम साहू एक कविता सुना रहे हैं :
लहरों से डरकर नौका पार नहीं होती-
कोशिश करने वालों की हार नहीं होती-
नन्ही चीटी जब दाना लेकर चलती है-
चढ़ती दीवारों पर, सौ बार फिसलती है-
मन का विश्वाश रगों मे साहस भरता है-
चढ़कर गिरना, गिरकर चढ़ना न अखरता है...
