धुर्रा माटी ला घलो कभू नई समझे नीच...गीत-
ग्राम-मडमडा, जिला-कबीरधाम (छत्तीसगढ़) से चतुरराम साहू एक गीत सुना रहे हैं :
धुर्रा माटी ला घलो कभू नई समझे नीच-
पालन पोषण येही करय कमाल खुलय-
इतनी चीज-
इही चीज टीका बनो धरो होत न कोनो संत-
भीतर होत महुंगा भरे, बाहुर बने महंत...
