कोई नहीं पराया मेरा घर सारा संसार है...कविता-
ग्राम-नीलकंठपुर, पंचायत-गोरगी, ब्लाक-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से जगदेव प्रसाद पोया एक कविता सुना रहे हैं :
कोई नहीं पराया मेरा घर सारा संसार है-
मै न बंधा हूँ देश काल की जंग लगी जंजीर में-
मै न खड़ा हूँ जात पात की ऊँची नीची भीड़ में-
मेरा धर्म न कुछ शब्दो का सिर्फ नाम है-
कोई नहीं पराया मेरा घर सारा संसार है...
