गोंडी समाज और गोंडी भाषा की उत्थान हेतु लम्बे समय से प्रयासरत है...
भोला बघेल जी गोंडवाना समाज के दो बुद्धिजीवी समाजसेवी शेर सिह आचला और पूर्व शिक्षक पिलसाय पटावी जी से बातचीत कर रहे है,बातचीत में जिक्र है ये दो साथी ऐसे साथी है जो गोंडी समाज और गोंडी भाषा की उत्थान हेतु लम्बे समय से प्रयासरत है,पटावी जी नारायणपुर से लगे क्षेत्रो का सर्वप्रथम गोंडी ब्याख्यान लिखे थे जिसका प्रकाशन लोक कला मंच बिलासपुर से प्रकाशन हुवा जो काफी सराहनीय कार्य रहा,पटावी जी सेल टेक्स अधिकारी के रूप में भी सरकार में योगदान दिए और वर्तमान में रिटायर होकर समाज कल्याण को हेतु काम कर रहे है ...
