लहरों से डरकर नौका पार नहीं होती...कविता-

ग्राम पंचायत-खजूरी, तहसील-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से राजू पैकरा एक कविता सुना रहे हैं :
लहरों से डरकर नौका पार नहीं होती-
कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती-
नन्हीं चींटी जब दाना लेकर चलती है-
चढ़ती दीवारों पर सौ सौ बार फिसलती है-
मन का विश्वास रगों में साहस भरता है-
चढ़कर गिरना, गिरकर चढ़ना नहीं अखरता है...

Posted on: Jun 18, 2019. Tags: CG POEM SHYAM SAI PAIKARA SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER