तोड के मज़बूरी के बंधन पा लूँ मै भी आत्म सम्मान को...कविता
ग्राम-चरगांव, पंचायत-चरगांव, जिला-डिंडोरी, (मध्यप्रदेश) से अंजली सोनवानी एक कविता सुना रही है:
आजादी के पंख लगा के छू मै भी आसमान को-
तोड के मज़बूरी के बंधन पा लूँ मै भी आत्म सम्मान को-
तुफानो से खुद ही लड़ के खुद के दम पर आगे बढ़ के-
चाहूँ मै भी मंजिल पाना अपने गुण सबको दिखलाना-
कैद हो जो पंछी पिंजरे में वो क्या जाने गगन की माया-
तन मन स्वतंत्र हो जब मेरा तभी मानूँ जीवन पाया...
