मैं जंगल का राजा हु- कविता
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं:
मैं जंगल का राजा हु, शेर मेरा नाम|
जंगल मै ही रहा करता हु, सामने जो आये उसका काम तमाम|
सभी मुझसे डरते हैं, मै हु बड़ा बलवान|
मुझसे को पार न पाए, नहीं रखता हु मै किसी से जान पहचान|
मंशाहरी हूँ मै, मॉस ही मै खता,
और सभी सामान से मेरा कोई नहीं नाता|
