रोजगार गारंटी में समय से पैसा नहीं मिलता, लोग आंध्रा काम करने जाते हैं...
ग्राम-दरबागुडा, विकासखण्ड-कोंटा, जिला-सुकमा (छत्तीसगढ़) से शिवम बलराम बता रहे है, कि वे खेती करते हैं| लेकिन पानी की व्यवस्था नहीं होने के कारण उपज सही मिल नही पाता है| वे गाँव में मनरेगा के तहत काम करते हैं| जहाँ उन्हें 172 रुपया प्रतिदिन के हिसाब से भुगतान होता है|काम का पैसा मिलने के लिए 3-4 महीना लग जाता है| समय से भुगतान नहीं होने के कारण लोग आंध्रप्रदेश में काम करने जाते हैं| गांव में काम नहीं करते| वहां उन्हें 200-250 रूपये प्रतिदिन के हिसाब से मजदूरी मिलता है|
