ना होश रहा ना जोश रहा, आँखों से गया नींद...कविता-

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं:
ना होश रहा ना जोश रहा, आँखों से गया नींद-
सारा रात बिता रहा, तारे रहता गिन-
भूख गया, प्यास गया, देख तन की सितलाई-
आँखों के आगे झूल रहा था, बुढ़ापा की परछाई-
हरदम याद आता रहता, बीती पलों की याद-
घुट कर रह जाता, करके उस पलों की याद...

Posted on: May 12, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER