जग में सुंदर है दो नाम, मात पिता और उनका धाम...कविता
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं:
जग में सुंदर है दो नाम, मात पिता और उनका धाम-
एक जन्म देती सब दुःख सहकर-
दूजा पालता अपना ख़ून पसीना सींच कर-
उनसे बढ़ कर नहीं कोई दूजा-
मात पिता की सेवा ही पूजा-
मात पिता को जो धुत्कारे, उससे बड़ा कोई नहीं हत्यारे...
