माँ मुझे भी एक लाठी दे दो, आगे को बढ़ जाऊंगा...कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं:
माँ मुझे भी एक लाठी दे दो, आगे को बढ़ जाऊंगा-
सरहद पर जा कर आतंकियों को मार भगाऊंगा-
डटा रहूँगा जब तक, उन्हें मार न गिराऊं-
गिन गिन कर बदला लूंगा उनसे-
उनके लहु से अपना प्यास बुझाऊँ-
वो हत्यारे आँख दिखाते, उनसे लोहा डटकर लेना है-
उनके बुरे मनसूबो को, पानी पानी कर देना है...
