मछली जल में तैर रही थी, पड़ा मछुवार की आंख...कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं :
मछली जल में तैर रही थी, पड़ा मछुवार की आंख-
झट जाल फेका उसने, ले आया घर अपने साथ-
काटा धोया खूब रगड़ के, करी तेल में खूब लाल-
मिर्च मसाला रगड़ के पीसा, नमक डाला उसमे स्वाद-
डाली हल्दी काटा प्याज, भुना होते तक उसने लाल-
लहसुन मछली धनिया कटी, कढ़ाई ने किया झनकार...
