मेघ बनकर बादल छाये, कड़की बादल बारंबार...कविता-

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं :
मेघ बनकर बादल छाये, कड़की बादल बारंबार-
चमचम बिजली चमकी, बूंदों की हुई वर्षा-
ताल तलईया हुई लबालब, जब बूंदों की पड़ी फुहार-
पेड़ पौधे झूमने लगे, हुई हवा संग पानी की बौछार-
नदी नाला भर-भर चली, मिलने सागर की ओर-
सागर बांहे पसारे खड़ा, मिला उनसे हो विभोर...

Posted on: May 05, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER