सूनी हुई आज मायका, जहां बेटी की थी किलकारी...कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं :
सूनी हुई आज मायका, जहां बेटी की थी किलकारी-
सखी सहेली छोड़ी बेटी, सूनी हुई घर महतारी-
लगन लगी वेदी सजी, हुई विवाह की भारी तैयारी-
जगमग-जगमग जगमगा उठा, मडवा-
मेहमानों का भीड़ था भरी...
