तेल संग हल्दी लगी, बजी ढोल मृदंग...कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं|
तेल संग हल्दी लगी, बजी ढोल मृदंग-
सखी सहेली की ठिठोली, विवाह का ये उमंग-
सजधज कर आया दूल्हा राजा, मन में लिये नई उमंग-
सांथ बाराती गाजा बाजा, शरारत भरा हुड़दंग-
ब्राम्हण मंत्र पढ़ रहा, हुलहुली के संग-
शेहरा बांध भवर पड़ा, वर कन्या संग-संग...
