डाल-डाल पर पंछी बैठा डाल ही उनका घर...कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुन रहे हैं :
डाल-डाल पर पंछी बैठा डाल ही उनका घर-
डाल में वे पंख पसारे, डाल ही सबसे सुंदर-
जड़ से उनको क्या लेना, जड़ तो मिट्टी के अंदर-
फिर भी जड़ मजबूत हो जड़ से ही डाली सुंदर-
जड़ यदि हो कमजोर तो सूख जायेगी डाली-
पेड़ यदि सूख मर जायेगी, तो क्यों डाले माली पानी...
