Dharti me sona ugane wala bhai re : A song by Kala Das Daharia
धरती में सोना उगाने वाला भाई रे
माटी को हीरा बनाने वाला भाई रे
अपना पसीना बहाने वाला भाई रे
उठ तेरी मेहनत को लूटे हे कसाई रे
धरती भी तेरा है, अम्बर भी तेरा
तुझको ही लाना है अपना सबेरा
तू ही अंधेरा में सूरज है भाई रे
तू ही लडेगा सुबह की लडाई रे
तब सारी दुनिया लेगी अंगडाई रे
