दूसरो का बुरा करने से खुद को नुकसान हो सकता है...कहानी-
एक बार ब्रम्हा जी ने सभी को अपना-अपना घर बनाने का तरीका बताने को एक सभा बुलाया| चिडियों में केवल उढेला पक्षी सभा में शामिल हुआ| उसने घर बनाने के तरीका जाना| सभा समाप्त करते समय ब्रम्हा जी ने कहा जो नहीं आ पाये हैं| उन्हें आप लोग बता देना| सभी ने अपने समुदाय को घर बनाने का तरीका बताया| लेकिन उढेला पक्षी ने पक्षियों को गलत तरीके से घर बनाने का तरीका बताया| जिसके कारण सभी बारिस में भीगते रहे और उढेला पक्षी आराम से जीवन व्यतीत कर रहा था| उसी दौरान ब्रम्हा जी के मन में आया| चलकर देखा जाय| तो देखा कि केवल उढेला पक्षी का घर ठीक था| बाकि सभी का घर गलत तरीके से बना था| ये सब देखकर उन्होंने उसे श्राप दिया कि जिस तरह सभी भीग रहे हैं| उसी तरह बारिस के समय तेरा भी घर गिर जाएगा| इस कहानी से सीख मिलती है दूसरो का बुरा नहीं करना चाहिए, नहीं तो बाद में पछताना पड़ता है| कन्हैयालाल पड़ियारी@9981622548.
