कलम बदल डालो जिसमे जीत न हो...कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं :
कलम बदल डालो जिसमे जीत न हो-
पाठ्य बदल डालो जिसमे सामन्य सीट न हो-
न्याय मूर्ति बदल डालो जिसमे सच्चा न्याय न हो-
कानून बदल डालो जहां न्याय के सांथ अन्याय हो-
मुकद्दर तुम्हारे हांथ में है-
मुकदमा हरगिज नहीं, किस्मत तुम्हारे सांथ है...
