भारत सरकार द्वारा 1965 में बसाये गए 133 बंगाली शरणार्थी गाँव में विकास की आवश्यकता है...
ग्राम-अंजाडी, ब्लाक-कोयलीबड़ा, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से कृष्णकान्त विश्वास बता रहे है वे 7 साल से अध्यापक हैं, वे बांग्लादेश से आए हिन्दू शरणार्थी है, बंगाल विभाजन के समय उन्हें मुसलमानों के अत्याचार से भगाया गया था, तब इंदिरा गांधी सरकार ने उन्हें शरण दिया था, वे बता रहे हैं, उनका जन्म भारत में हुआ है, उनके पूर्वजो के अनुसार उनके परिवारों के सांथ, महिलाओ के साथ अत्याचार हुए और धर्मिक आस्था को ठेस पहुंचाया गया तब उनके पूर्वजो ने मन बनाया कि अब रहना मुश्किल है और वे भारत आ गए, उस समय सरकार ने उन्हें शरण दिया, और समानता का व्यवहार किया, वहां पर 133 गांव बंगालियों का बसाया गया है, 1965 से ये गांव बसे हैं, अभी भी वह गाँव का विकास नही हो पाया है |

