वनांचल स्वर : पहले के लोग कोदो कुटकी खाकर ज्यादा दिन जीते थे, अब 50 साल भी नहीं जीते है...
ग्राम-जामकुटनी, पंचायत-बेलगाल, तहसील-पखांजूर, जिला कांकेर (छत्तीसगढ़) से सुरजू गोंडी में बता रहे है उनके क्षेत्र में पहले के लोग कोदो (कोहला) मड़या का इस्तेमाल करते थे तो ज्यादा बीमार नहीं पड़ते थे| पहले के लोग 75 साल तक जीते थे लेकिन अभी ऐसा नही है| अभी के लोग तो 50 साल में ही खत्म हो जाते हैं अभी के हर फसल में दवा का इस्तेमाल करते है| दवा वाले को खाने से अभी के लोग बहुत ज्यादा बीमार पड़ते है. पहले के लोग जंगलो में जाकर जंगल से मशरुम, बांस,भाजी आदि सब्जियों को ज्यादातर खाते थे|और उसी के अभी के आदिवासी जो है अपनी बोली भाषा को धीरे-धीरे भूल रहे है क्योंकि अभी थोडा बहुत पढ लिख लेते है तो जैसे 12 वी या कोलेज तो हिंदी, अंग्रेजी ज्यादा बोलने लगते हैं और देवी-देवताओ को भूल जाते है |
