जितना मिले उतने में ही संतुष्ट होना चाहिए, लालच नहीं करना चाहिए...एक भूखे कुत्ते की कहानी...
ग्राम-आलमपुर, तहसील-चिचोली, जिला-बैतूल (मध्यप्रदेश) से मोहन यादव एक कहानी सुना रहे हैं: एक कुत्ता भोजन की तलाश में किसी गाँव में गया उसे सूने मकान में आधी रोटी मिल गई वह उसे लेकर आगे बढ़ रहा था, रास्ते में उसे एक नदी मिली जिसे वो पार कर रहा था जैसे ही वो बीच नदी में गया उसको पानी में अपने परछाई के रूप में एक प्रतिद्वंदी दिखाई दिया उसके मुहं में भी एक रोटी थी, फिर कुत्ते के मन में लालच आया और उसने सोचा कि आधी रोटी इसके पास है आधी मेरे पास है, सबको मिला के आराम से खाउंगा इसलिए मै इस पे हमला करता हूँ, जैसे ही कुत्ते ने हमला किया रोटी मुहं से नदी में गिर गई| यानि व्यक्ति को जितना मिले उतने में ही संतुष्ट होना चाहिए, आगे जो उसका नही है उसमे लालच नही करना चाहिए...
